// प्रेस नोट //

जिला शाजापुर
दिनांक : 31 जुलाई 2026

₹2.97 लाख की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को मेरठ (उ.प्र.) से गिरफ्तार करने में थाना शुजालपुर मंडी पुलिस को मिली बड़ी सफलता

शाजापुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक महत्वपूर्ण मामले का सफल खुलासा करते हुए ₹2,97,000 की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया है।

दिनांक 24.05.2026 को फरियादिया रश्मि सक्सेना, निवासी कृष्णा नगर, शुजालपुर मंडी ने थाना शुजालपुर मंडी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 21.04.2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने भूत-प्रेत बाधा दूर करने का झांसा देकर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया और ऑनलाइन विभिन्न माध्यमों से कुल ₹2,97,000 की ठगी कर ली। रिपोर्ट पर थाना शुजालपुर मंडी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रियंका शुक्ला के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री निमेष देशमुख के मार्गदर्शन में आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंक खातों की जानकारी का विश्लेषण कर ठगी गई राशि में से ₹79,000 होल्ड कराए। साथ ही साइबर सेल की सहायता से आरोपी की तलाश लगातार जारी रखी गई।

तकनीकी जांच एवं लगातार प्रयासों के आधार पर पुलिस टीम ने मोहम्मद इरशाद पिता शेर दीन, उम्र 32 वर्ष, निवासी इस्लाम नगर, मेरठ (उ.प्र.) को मेरठ से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फेसबुक आईडी के माध्यम से भूत-प्रेत बाधा दूर करने संबंधी पोस्ट डालकर फरियादिया से संपर्क किया और इसी बहाने उससे ₹2.97 लाख की साइबर ठगी की।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹1,50,000 नकद एवं घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी मिली है, जिसके संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी को दिनांक 31.07.2026 को माननीय न्यायालय शाजापुर में प्रस्तुत किया जाएगा।

सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शुजालपुर मंडी निरीक्षक शिवकुमार यादव, उनि तेजप्रकाश बोहरे, प्रधान आरक्षक रंजीत भानेरिया, प्रधान आरक्षक सचिन सिसोदिया, आरक्षक प्रहलाद जाट, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक रविकांत यादव, आरक्षक मांगीलाल लवंशी, साइबर सेल के घनश्याम राजपूत एवं आरक्षक राजेश दांगी की सराहनीय भूमिका रही।

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